ऐसी तस्वीर जिसके जरिये महिलाओं की भावनाओं का मजाक बनाने में हम नहीं रहे पीछे

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संपादक की कलम से 

यह सब जानते है कि करवाचौथ पति पत्नी के बीच आस्था , सर्मपण व विस्वास का त्यौहार है । उत्तराखंड के ग्रामीण अंचलों में भले ही यह त्यौहार न मनाया जाता हो लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों के नगरीय ईलाकों में करवाचौथ का त्यौहार हर घर में मनाया जाने लगा है। इस त्यौहार में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर इस तरह वायरल हुई कि लोगों ने इस तस्वीर के जरिये इस त्यौहार में महिलाओं की भावनाओं का मजाक बना कर रख दिया । इस तस्वीर में महिला एक पुरूष को भरी दोपहर में गेहू सहित अन्य फसलों को छानने के लिए काम आने वाली छानी में देख कर हंस रही है। इस महिला का करवाचौथ से संबध जोड़कर प्रचारित किया गया। सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म पर यह फोटो ऐसे दौड़ी मानों इस आगे बढ़ाने की होड़ मची हो ञ दसअसल काम के दौरान छन्नी के खराब हो जाने की बात यह महिला घर के पुरूष सदस्यों को बता रही हो। इस वाईरल तस्वीर में यह भी जानने की कोशिश नहीं की गई कि कुर्सी में बैठे पुरूष से महिला का क्या रिस्ता है। कुल मिलाकर सभी लोग जानते हैं कि चांद देखने के बाद ही महिलाएं ब्रत तोड़ती हैं। करवाचौथ का ब्रत तो इतना कठिन है कि महिलाएं इस ब्रत में पानी तक नहीं पीती। ऐसे में तस्वीर के जरिये जिस प्रकार इस त्यौहार को मजाकिया लहजे में प्रस्तुत किया गया वह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। भावनाओं को समझने में हम इतने संवेदहीन हो गए हैं कि सोसल मीडिया पर कापी पेस्ट की होड़ मची है। किसी ने भी इस तस्वीर के पीछे की सच्चाई न तो देखने या नही मनन करने की कोशिस की । यह तस्वीर रूद्रप्रयाग के एक गांव की है। संभवतया महिला मात्र अपनी कास्तकारी का प्रमुख हथियार छन्नी को खराब होने की बेदना बता कर अनाज छानने के दौरान हो रही दिक्कतों पर चर्चा करी थी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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