औली में आधी अधूरी तैयारी से भारत की छवि पर पड़ सकता है असर

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चमोली

औली में भारत को अंतराष्ट्रीय शीतकालीन खेलों के आयोजन का मौका मिला है परंतु औली में तैयारियां आधी अधूरी है। उत्तराखंड सरकार भी तैयारियों के नाम पर अभी तक तो गंभीर नहीं दिख रही है। खास बात तो यह है कि औली में स्नौ मेकिंग मशीन , सहित स्की स्लोप पर कई काम किए होने बाकी है जब कि खेल आयोजन के लिए अब कम ही समय बचा है।

विश्व प्रसिद्व हिमक्रीडा केन्द्र औली (चमोली) में राज्य सरकार ने विंटर गेम्स कराने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार, गढवाल कमिश्नर, पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर तथा निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ औली हिमक्रीडा केन्द्र का मौका मुआयना कर सभी व्यवस्थाओं को समय से दुरूस्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिये है। आगामी 15 से 21 जनवरी तक औली में अन्तराष्ट्रीय एफआईएस रेस का आयोजन होना है। यह रिसोर्ट 9500 से 10500 फीट की ऊॅचाई पर स्थित है।

मुख्य सचिव ने इन्टरनेशनल फेडरेशन आॅफ स्कीइंग (आईएफएस) प्रतियोगिता के लिए पूरी व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। कहा कि औली में पहले से मौजूद उपकरण, पम्प हाउस, स्नो मैकिंग मशीन, मोबाइल गन्स, हस्की ग्रूमर, एवरेस्ट ग्रूमर, स्नो स्कूटर, स्नो बीटर, पोमा स्की लिफ्ट आदि मशीनों की जाॅच कर समय से मरम्मत करना सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने खराब स्थिति में पडी टाइमर मशीन को शीघ्र रिपेयरिंग के लिए देहरादून भेजने के निर्देश भी दिये। इसके साथ ही रोपवे, चियर लिफ्ट, स्की लिफ्ट आदि के सुरक्षा प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक कार्यवाही हेतु जीएमवीएन को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि स्नो मैंकिग मशीन की मरम्मत हेतु फ्रेंच कम्पनी द्वारा दिये गये आंगणन पर निर्णय लिया जायेगा। बताया कि बर्फ न पडने की स्थिति में मशीन से बर्फ बनायी जायेगी। स्कीइंग प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी उपकरणों की मरम्मत और स्लोप का कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा। इस अवसर पर सीएस ने स्की शाॅप का निरीक्षण करते हुए जीएमवीएम को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये। मुख्य सचिव ने कहा कि वाहर से आने वाले स्कीयर्स के लिए सरकार सभी सुविधाऐं जुटा रही है। इस दौरान मुख्य सचिव औली से चियर लिफ्ट द्वारा आठ नंबर टाॅवर पहुॅचे, जहाॅ उन्होंने पम्प हाउस, ग्रूमर मशीन, कन्ट्रोल रूम आदि का स्थलीय निरीक्षण भी किया।

डीजीएम गम्भीर सिंह ने अवगत कराया कि जीएमवीएन द्वारा स्लोप की मरम्मत का कार्य प्रगति पर है। एवरेस्ट ग्रूमर मशीन, दो स्नो वीटर, दो स्नो स्कूटर संचालित स्थिति में है। जबकि हस्की ग्रूमर की मरम्मत करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि एफआईएस (फेडरेशन आॅफ इन्टरनेशनल स्कीइंग) मानकों के अनुसार नयी स्की मशीनें खरीदी जानी है। बताया कि औली देश का पहला एफआईएस से मान्यता प्राप्त स्थल है। एफआईएस रेस से बढी संख्या में देश विेदेश के प्रतिभागी भाग लेते है।

इस अवसर पर प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी विनोद गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक तृप्ती भट्ट, उप जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुरेन्द्र सिंह यादव, प्रबन्धन संचालक रोपवे दिनेश भट्ट, डीजीएम जीएमवीएन गम्भीर सिंह सहित आईटीबीपी के आॅफिसर आदि भी मौजूद थे।

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