April 4, 2026

उत्तराखंड पुलिस विभाग में ताबडतोड़ तबादले एसएसपी देहरादून अजय सिंह की जगह प्रमेंद्र डोबाल को मिली जिम्मेदारी,

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उत्तराखंड में आज कई पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। वहीं देहरादून के एसएसपी भी बदले गए हैं।

प्रदेश में बढ़े अपराधों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार शाम कानून के लिए पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर दिया। 20 आईपीएस को इधर से उधर कर दिया गया है, इनमें आठ जिलों के कप्तान भी शामिल हैं।
देहरादून में 48 घंटे के भीतर दो हत्याओं के बाद एसएसपी अजय सिंह को हटा दिया गया। उनकी जगह अब हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल को दून की कमान सौंपी गई है। अजय सिंह को एसएसपी एसटीएफ बनाया गया। वहीं, एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह को हरिद्वार का एसएसपी बनाया गया है। ऊधमसिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा को एसपी अभिसूचना बनाया है, उनकी जगह अजय गणपति कुम्भार को ऊधमसिंह नगर भेजा है। वह वर्तमान में चंपावत के एसपी थे, उनकी जगह पिथौरागढ़ की एसपी रेखा यादव को चंपावत भेजा है.

सचिव गृह शैलेश बगोली की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, पुलिस उप महानिरीक्षक एसडीआरएफ निवेदिता कुकरेती को एसडीआरएफ में आईजी बनाया है। एसएसपी विजिलेंस प्रह्लाद नारायण मीणा को डीआईजी विजिलेंस बनाया है। 31वीं वाहिनी पीएसी में सेनानायक यशवंत सिंह को पीटीसी नरेंद्रनगर में प्रधानाचार्य बनाया है। एसपी अभिसूचना प्रदीप कुमार राय को एसपी सीबीसीआईडी बनाया है। एसपी हरिद्वार जितेंद्र चौधरी को एसपी अपराध एवं यातायात यूएस नगर, एसपी हरिद्वार निशा यादव को एसपी अपराध एवं यातायात हरिद्वार, एएसपी सीआईडी मनोज ठाकुर को एएसपी कोटद्वार और एएसपी चंद्रमोहन सिंह को एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना के पद पर तैनात किया गया है।
अपराधियों में कानून का भय स्थापित करें :
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में कानून-व्यवस्था की बैठक ली। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपराध की रोकथाम के लिए केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई ही नहीं बल्कि पूर्व-निवारक रणनीति भी मजबूत की जाए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, अपराधियों में कानून का भय स्थापित करने और आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि आमजन बिना किसी भय के पुलिस के पास अपनी शिकायत लेकर जाए और उन्हें त्वरित न्याय मिले। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति और अधिक मजबूत हो और अपराधियों के लिए कोई स्थान न बचे।