भारतीय नौसेना को बोईंग से मिला दसवां पी-8आई युद्धक विमान

भारतीय नौसेना को बोईंग से मिला दसवां पी-8आई युद्धक विमान

भारतीय नौसेना को अमेरिका स्थित एयरोस्पेस कंपनी बोइंग से 10वां पनडुब्बी विमान P-8I मिला है. मंगलवार को इसे लेकर एक बयान जारी किया गया है. रक्षा मंत्रालय ने पहली बार 2009 में आठ P-8I विमानों के लिए एक कॉन्ट्रेक्ट पर हस्ताक्षर किए थे. बाद में, 2016 में, इसने चार अतिरिक्त P-8I विमानों के लिए एक कॉन्ट्रेक्ट पर हस्ताक्षर किए गए.

बयान में कहा गया है, “यह चार अतिरिक्त विमानों के विकल्प कॉन्ट्रेक्ट के तहत दिया जाने वाला दूसरा विमान है, जिसे भारतीय रक्षा मंत्रालय ने 2016 में प्रदान किया था. इसमें कहा गया है, “बेजोड़ समुद्री टोही और पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं के अलावा, पी-8आई को आपदा राहत और मानवीय मिशनों के दौरान सहायता के लिए तैनात किया गया है.”

भारतीय नौसेना को नौवां P-8I विमान पिछले साल नवंबर में मिला था. गश्ती विमान भारतीय नौसेना के बेड़े का एक अभिन्न अंग है और 2013 में इसे शामिल किए जाने के बाद से 30,000 उड़ान घंटों को पार कर गया है.वो विमान अत्याधुनिक सेंसरों से लैस था और यह विमान गोवा स्थित महत्वपूर्ण नेवल बेस आईएनएस हंस पर सुबह उतरा बयान में कहा गया, “बोइंग भारतीय नौसेना के फ्लाइट क्रू, स्पेयर पार्ट्स, ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट और फील्ड सर्विस रिप्रेजेंटेटिव सपोर्ट का प्रशिक्षण देकर भारत के बढ़ते पी-8आई बेड़े का समर्थन करता है.”

बोइंग पी-8 पोसाइडन (Boeing P-8 Poseidon) जिसे पूर्व में मल्टीमिशन मैरीटाइम एयरक्राफ्ट नाम से जाना जाता था संयुक्त राज्य अमेरिका नौसेना के लिए विकसित एक सैन्य समुद्री गश्त विमान है. बोइंग पी-8 पोसाइडन बोइंग रक्षा, अंतरिक्ष और सुरक्षा द्वारा विकसित किया गया है. बोइंग पी-8 पोसाइडन एंटी-पनडुब्बी युद्ध, विरोधी सतह युद्ध, और शिपिंग हस्तक्षेप करने मे सक्षम हैं. इसमें टारपीडो, गहराई प्रभार, हर्पून एंटी-शिप मिसाइल और अन्य हथियार शामिल हैं. यह sonobuoys (विस्तारणीय सोनार प्रणाली) ड्रॉप और मॉनिटर करने में सक्षम है.

इसमें टारपीडो, गहराई प्रभार, हर्पून एंटी-शिप मिसाइल और अन्य हथियार शामिल हैं. यह sonobuoys (विस्तारणीय सोनार प्रणाली) ड्रॉप और मॉनिटर करने में सक्षम है. बोइंग पी-8 पोसाइडन का संचालन संयुक्त राज्य अमेरिका नौसेना, भारतीय नौसेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियाई वायुसेना द्वारा किया जाता है. ब्रिटेन की रॉयल वायुसेना और रॉयल नॉर्वेजियन वायुसेना द्वारा भी विमान का ऑर्डर दिया गया है.  (TNI)