आजादी के 74 साल बाद भी देश में गुलामी का कानून और उनकी निशानियां मौजूद है - बमबम महाराज नौहटिया

आजादी के 74 साल बाद भी देश में गुलामी का कानून और उनकी निशानियां मौजूद है - बमबम महाराज नौहटिया

अटल जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रभारी बमबम महाराज नौहटिया ने कहा कि आजादी के 74 साल बाद भी देश वास्तविक रूप से आजाद नहीं है, आज भी देश अंग्रेजों के बनाए कानून पर या उनकी बनाई हुई स्मृतियों पर चल रहा है।

आजादी की 75 वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर बमबम महाराज नौहटिया ने कहा कि मैं इस देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, पूरे मंत्रिमंडल समेत दोनों सदनों के सांसदों को यह चुनौती देता हूं वह यह साबित करें क्या देश वास्तविक रूप से पूर्ण रूप से आजाद है या नहीं, यदि आजादी मिली तो किससे मिली यदि हम गुलाम थे तो किसके गुलाम थे? अटल जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रभारी बमबम महाराज नौहटिया ने आगे कहा कि यह बड़े ही दुर्भाग्य का विषय है कि देश के महामहिम राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आज भी आजादी के पूर्व गुलामी की तमाम निशानियां है वह मौजूद हैं।

बमबम महाराज नौहटिया ने आगे कहा कि इस देश का राष्ट्रगान भी वह है जिसकी रचना अंग्रेज शासक किंग जॉर्ज पंचम के सम्मान में की गई थी। जॉर्ज पंचम के सम्मान में की गई रचना को आज भी यह देश राष्ट्रगान के रूप में मानता है जो कहीं न कहीं अनुचित है।

बमबम महाराज नौहटिया आगे बताया कि अटल जनशक्ति पार्टी जब भी सत्ता में आएगी तो स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के बजाय 16 अगस्त को मनाया जाएगा और गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के बजाय 27 जनवरी को मनाया जाएगा।

अंत में बम बम महाराज नौहटिया ने कहा कि आने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में वह अटल जनशक्ति पार्टी की ओर से अधिकृत उम्मीदवार होंगे और निश्चित रूप से राष्ट्रपति पद के चुनाव में जीत हासिल करेंगे। DDS